वास्तु चिन्तामणि


वास्तु क्या है ?

      वास्तु हमारे रहने के स्थान या व्यापार के स्थान को प्रभावित करती है | दसों दिशाओं के ऊर्जाओं को संतुलित कर के रखने से हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ताहै | इन्ही ऊर्जाओं को संतुलित करने को वास्तु शास्त्र कहते हैं | वास्तु शब्द दो शब्दों के संधि से बना है, "वस्" जिसका अर्थ है वास करना तथा "तु" प्रत्यय लगने से वास्तु बना जिसका सम्पूर्ण अर्थ है रहने का स्थान | परम्परागत स्थापत्य कला और शिल्प कला के मिश्रण से तैयार वैदिक ज्ञान को ही वास्तु शास्त्र का नाम दिया गया है | वास्तु ,जीव को प्रकृति के अनुसार रहने की कला सिखाता है |

       माना जाता है की 'यत पिण्डे तत ब्रह्माण्डे -यत ब्रह्माण्डे तत पिण्डे' यानि जो मनुष्य के शरीर में है वह ब्रह्माण्ड में है तथा जो ब्रह्माण्ड में है वो मनुष्य के शरीर में है | हमारे पूर्वजों ने उस समय ( जिस समय कोई भी आधुनिक उपकरण उपलब्ध नहीं थे ) ध्यान में जाकर मनुष्य के शरीर और ब्रह्माण्ड में समानता का अनुभव किया | हमारे पूर्वज या ऋषि मुनि बहुत महान वैज्ञानिक या समीक्षक थे | उन्होंने जीवों और प्रकृति पर पड़ने वाले सूक्ष्म प्रभावों को जन कल्याण के लिए वास्तु शास्त्र के रूप में प्रस्तुत किया |

क्या वास्तु शास्त्र से समस्याओं का समाधान हो सकता है ?

      अगर वास्तु के मुख्य गुण को समझे तो वो है पांच मुख्य तत्त्व - "अग्नि, पृथ्वी, वायु, आकाश, जल " ये पांचों तत्त्व ब्रह्माण्ड में भी और मनुष्य या किसी भी जीव या प्राणी में भी उपस्थित है | इन पञ्चतत्व के अस्त-व्यस्त होने पर जीवन में समस्याएं आने लगती है | प्रकृति का प्रमुख्य कार्य है जीवों के बीच इन तत्वों का संतुलन बनाना | प्रकृति जीवों के हर जरूरत को समझ कर हमेशा उनका साथ देती हैं, जिससे जीवों का जीवन सुचारु रूप से चलता रहे |

       पर इन तत्वों को प्रवाहित होने की एक दिशा एक मार्ग का निर्धारण किया गया है, अगर उस दिशा या मार्ग में उस तत्व के विपरीत गुण वाले तत्व की अधिकता हो तो उस मुख्य तत्व के प्रवाह में कमी आ जाएगी और उससे सम्बंधित समस्याएं का जन्म होने लगेगा | अब अगर उस विपरीत तत्वों के प्रभाव को उस दिशा से ख़त्म कर दिया गया तो मुख्य तत्त्व का प्रवाह सही हो जायेगा एवं उसके वजह से आ रही समस्याएं भी समाप्त हो जाएगी | अतः अगर वैज्ञानिक तरीके से भी देखा जाये तो वास्तु शास्त्र द्वारा मनुष्यों की समस्यायों का समाधान होता है |

क्या नन्द बाबा ज्योतिषी केंद्र में हमारे समस्याओं का इलाज हो सकता है ?

      नन्द बाबा ज्योतिषी केंद्र में आपके कुंडली जाँचने के आलावा बेहद ही उन्नत तरीके से आपके ग्रहों की,वास्तु दोष की, आपके आध्यात्मिक चक्रों की तथा आपके आभामंडल का उचित परिक्षण किया जाता है | यह परीक्षण आपके शरीर में ग्रहों की ऊर्जा को इस तरह उजागर करती है कि आप स्पष्ट रूप से जान सकते हैं कि प्रत्येक ग्रह आपके जीवन में क्या प्रभाव दे रहा है |

       उसके बाद जब उपाय किये जाते हैं तो सही परिणाम मिलने का विश्वास बढ़ जाता है, यहां यह कहना सही होगा कि एक बार बीमारी का कारण पता चल जाए तो उसका इलाज करना आसान हो जाता है | इसीलिए हां नंद बाबा ज्योतिष केंद्र से इलाज संभव है, हम खुद को भगवान नहीं मानते लेकिन हमारा उद्देश्य है कि हम हमेशा आपकी विश्वास और साथ का सम्मान करते हुए दिल से आपकी समस्याओं का समाधान करते हैं |

हम ज्योतिष में पेशेवर हैं । हमारे पास कई लोगों को ठीक करने का अनुभव है । हम ज्योतिष के उन्नत प्रणाली का प्रयोग करते हैं, इसलिए आपके समस्याओं का सर्वोत्तम समाधान हमारे पास है । आप बेझिझक हमसे संपर्क करें ।